Mehbooba ki Tarif Urdu Hindi Shayari

ज़ुल्फ़ गिरकर संभल रही होगी,
कोई हसरत मचल रही होंगी।

संग-ए-मरमर सरीं बदन होगा,
और निगाहें फिसल रही होंगी।

ये तू नहीं है तेरा तसव्वुर है
रात करवट बदल रही होगी ।

चांद भी मुझसे जल रहा होगा
चांदनी सी पिघल रही होगी।

आग पानी में लग गई होगी
तू नहाकर निकल रही होगी।

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One Response to “Mehbooba ki Tarif Urdu Hindi Shayari”

  1. Mosin SM 09989378288 Says:

    Bewafa duniya me saari zindgi koun saat dega tera mosin ,, log to yaha khud apne haton se daffna ker ,, bhull jate hein kaber kounsi thi ,, SM

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