Tum Sitam Bemishal Karte Ho

May 16th, 2017

दुःख देकर सवाल…

दुःख देकर सवाल करते हो;
तुम भी जानम! कमाल करते हो;

देख कर पूछ लिया हाल मेरा;
चलो कुछ तो ख्याल करते हो;

शहर-ए दिल में ये उदासियाँ कैसी;
ये भी मुझसे सवाल करते हो;

मरना चाहें तो मर नहीं सकते;
तुम भी जीना मुहाल करते हो;

अब किस-किस की मिसाल दूँ तुम को;
हर सितम बे-मिसाल करते हो।

 

Ghazal on Kon Apna Kon Praya

May 15th, 2017

जो ख्याल थे, न कयास थे…

जो ख्याल थे, न कयास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए;
जो मोहब्बतों की आस थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए;

जिन्हें मानता नहीं ये दिल, वो ही लोग मेरे हैं हमसफ़र;
मुझे हर तरह से जो रास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए;

मुझे लम्हा भर की रफ़ाक़तों के सराब बहुत सतायेंगे;
मेरी उम्र भर की प्यास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए;

ये जो जाल सारे है आरजी, ये गुलाब सारे है कागजी;
गुल-ए-आरजू की जो बास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए;

मेरी धडकनों के करीब थे, मेरी चाह थे, मेरा ख्वाब थे;
वो जो रोज़-ओ-शब मेरे पास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए।

 

Lovely Shayari for MAA

May 15th, 2017

माँ‬ के लिए क्या ‪शेर‬ लिखूं,
माँ ने ‪#‎मुझे‬ खुद शेर बनाया‬ है !
“-”

माँ के अहसान की तादाद अगर कोई पूछे तो,
उस से कह दो के बरसात के कतरे गिन ले.!!
“-”

हर लम्हा मेरी धड़कन में धड़कती हो माँ तुम ,
मेरी नज़र में प्यार का कोई एक दिन नहीं होता
“-”

ठोकर लगती है जुबा पे तेरा नाम आता है माँ,
दर्द कम होता है और हौसला बढ़ जाता है माँ..
“-”

Wo lamha jab kisi ne MAA pukara muze…
Ek pal me main shakh se ghana darakht ho gayi…
- Humaira rehman

 

Maa Par Dil Chune Wali Shayari

May 15th, 2017

कमा के इतनी दोलत भी मैं अपनी ‪‎माँ‬ को दे ना पाया,
कि जितने सिक्कों से #माँ मेरी नज़र उतारा करती थी..!!

“-”

जिस बेटे के पहली बार बोलने पर खुशी से चिल्ला उठी थी जो ‪#‎माँ‬,
आज उसी बेटे की एक आवाज पर खामोश हो जाती है….#माँ

“-”

माँ एक ऐसा शब्द हैं, जिसे सिर्फ़ बोलने से ही अपने हृदय में प्यार और ख़ुशी की लहर आ जाती हैं…और ऐसे पावन दिवस पर हर माँ को मेरा प्रणाम..

 

2 Line Hindi Shayari Collection on Mothers Day

May 15th, 2017

*Mother’s Day* पर मुनव्वर राना साब के बहुत ही सुंदर अशआर लिख रहा हूँ ।

इस ग्रुप की सभी माँ को अभिवादन के साथ समर्पित।

 

Vo Log Mujhse Bichad Gaye

May 14th, 2017

जो ख्याल थे, न कयास थे…

जो ख्याल थे, न कयास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए;
जो मोहब्बतों की आस थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए;

जिन्हें मानता नहीं ये दिल, वो ही लोग मेरे हैं हमसफ़र;
मुझे हर तरह से जो रास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए;

मुझे लम्हा भर की रफ़ाक़तों के सराब बहुत सतायेंगे;
मेरी उम्र भर की प्यास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए;

ये जो जाल सारे है आरजी, ये गुलाब सारे है कागजी;
गुल-ए-आरजू की जो बास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए;

मेरी धडकनों के करीब थे, मेरी चाह थे, मेरा ख्वाब थे;
वो जो रोज़-ओ-शब मेरे पास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए।

 

Jhuthi Bulandiyon ka Duan

May 13th, 2017

झूठी बुलंदियों का धुँआ​…​

​झूठी बुलंदियों का धुँआ पार कर के आ​;​​
​क़द नापना है मेरा तो छत से उतर के आ;​
​​​
इस पार मुंतज़िर हैं तेरी खुश-नसीबियाँ​;
​लेकिन ये शर्त है कि नदी पार कर के आ;​
​​
​​​कुछ दूर मैं भी दोशे-हवा पर सफर करूँ​;
​कुछ दूर तू भी खाक की.. सुरत बिखर के आ​;​

​मैं धूल में अटा हूँ मगर तुझको क्या हुआ;​​
आईना देख जा ज़रा घर जा सँवर के आ;
​​
सोने का रथ फ़क़ीर के घर तक न आयेगा;​​​
कुछ माँगना है हमसे तो पैदल उतर के आ​।

 

Wafa Kar ke Muskuraye Ja Urdu Gazal

May 12th, 2017

वफ़ाएँ कर के…

वफ़ाएँ कर के जफ़ाओं का ग़म उठाए जा;
इसी तरह से ज़माने को आज़माए जा;

किसी में अपनी सिफ़त के सिवा कमाल नहीं;
जिधर इशारा-ए-फ़ितरत हो सिर झुकाए जा;

वो लौ रबाब से निकली धुआँ उठा दिल से;
वफ़ा का राग इसी धुन में गुनगुनाए जा;

नज़र के साथ मोहब्बत बदल नहीं सकती;
नज़र बदल के मोहब्बत को आज़माए जा;

ख़ुदी-ए-इश्क़ ने जिस दिन से खोल दीं आँखें;
है आँसुओं का तक़ाज़ा कि मुस्कुराए जा;

थी इब्तिदा में ये तादीब-ए-मुफ़लिसी मुझ को;
ग़ुलाम रह के गुलामी पे मुस्कुराए जा।

 

Mushkil Waqt par Shayari

May 11th, 2017

जर्जर हौसला…

जर्जर हौसला मरम्मत मांगता है;
मुश्किल वक्त हिम्मत मांगता है;

उम्र भर नेकी न की गयी मगर;
अब बुढ़ापे में जन्नत मांगता है;
मुश्किल वक्त…

वफ़ा के सौदे में वो सितमगर मुझसे;
शर्त में बेशर्त मोहब्बत मांगता है;
मुश्किल वक्त…

काफ़िर बेटों का वो खुदा-परस्त बाप;
औलादों के लिए मन्नत मांगता है;
मुश्किल वक्त…

एक रुपया नहीं निकलता उनकी जेब से;
जिनके लिए माँ का दिल बरकत मांगता है;
मुश्किल वक्त…

 

Harivansh Rai Bachhan’s Poem on Friendship

May 10th, 2017

A Beautiful and Heart touching Poem by Harivansh Rai Bachhan’s on FRIENDSHIP in Hindi :
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मै यादों का
किस्सा खोलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत
याद आते हैं….

मै गुजरे पल को सोचूँ
तो, कुछ दोस्त
बहुत याद आते हैं….

अब जाने कौन सी नगरी में,
आबाद हैं जाकर मुद्दत से….

मै देर रात तक जागूँ तो ,
कुछ दोस्त
बहुत याद आते हैं….

कुछ बातें थीं फूलों जैसी,
कुछ लहजे खुशबू जैसे थे,
मै शहर-ए-चमन में टहलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

सबकी जिंदगी बदल गयी,
एक नए सिरे में ढल गयी,

किसी को नौकरी से फुरसत नही…
किसी को दोस्तों की जरुरत नही….

सारे यार गुम हो गये हैं…_
“तू” से “तुम” और “आप” हो गये है….

मै गुजरे पल को सोचूँ
तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं….

धीरे धीरे उम्र कट जाती है…_
जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है,
कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है…_
और कभी यादों के सहारे ज़िन्दगी कट जाती है …

किनारो पे सागर के खजाने नहीं आते,
फिर जीवन में दोस्त पुराने नहीं आते…

जी लो इन पलों को हस के दोस्त,
फिर लौट के दोस्ती के जमाने नहीं आते ….

*….हरिवंशराय बच्चन*

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