Karlo Maa Baap Ki Khidmat

Written By:- Hameeda Bibbo

दु:ख सहना माँ-बाप की खातिर,
फर्ज है ऐहसान नही।
कर्ज है इनका सर पर तेरे,
भीक्षा या कोई दान नही॥
मात पिता के चरण छुए,
चार धाम तीर्थ फल पावे॥
जो आशिष वो दिल से देवे,
भगवान से भी टाली ना जावे !!

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3 Responses to “Karlo Maa Baap Ki Khidmat”

  1. Shayareazam Says:

    Good massage For Youth………..

  2. Ankush Says:

    Very nice yr

  3. praveen shrivastava Says:

    दु:ख सहना माँ-बाप की खातिर,
    फर्ज है ऐहसान नही।
    कर्ज है इनका सर पर तेरे,
    भीक्षा या कोई दान नही॥
    मात पिता के चरण छुए,
    चार धाम तीर्थ फल पावे॥
    जो आशिष वो दिल से देवे,
    भगवान से भी टाली ना जावे !!

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