Jisne bhi ki Mohabbat

जिसने भी की मुहब्बत, रोया जरूर होगा।
वो याद में किसी के खोया जरूर होगा।
दिवार के सहारे, घुटनों में सिर छिपाकर ,
वो ख्याल में किसी के खोया जरुर होगा।
आँखों में आंसुओ के, आने के बाद उसने,
धीरे से उसको उसने, पोंछा जरुर होगा।
जिसने भी की मुहब्बत, रोया जरूर होगा।

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One Response to “Jisne bhi ki Mohabbat”

  1. vikki Says:

    wow wtt r sayari

    lyk it dude
    ytp awsm

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