Ishq ka Rog Hindi Font Shayari

मुझे लगा है यूँ इश्क़ का रोग मेरी दवा किजिये
ले लेगा इश्क़ जान मेरी जीने की दुआ किजिये
दिन-पे-दिन बढती ही जाती है तडप ये बैचैनी
मिला दो महबूब से या मरने की सज़ा दिजिये……
From:- Indresh Tiwari

If you like this shayari, Please like and share on Facebook

 
   

Please Like MailShayari on Facebook

Mail Shayari on Facebook

Leave a Reply