Disprin

Paigaam likho to kuch aisa likho,
Ke kalam bhi rone par majboor ho jaye…

Har lafz me itna dard bhar do ki,
Padhne wala bhi Disprin lene ko majboor ho jaye….!

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One Response to “Disprin”

  1. hameeda Says:

    slam wale kum
    me chahti hu sari dunia ka dil estarhan hojaye
    or allah ne farmaya he ki jiske dil me rehm or dusron ke liye bhalai he wo mere nazdeek he
    hameeda

    कल मैने खुदा से पूछा कि खूबसूरती क्या है?
    तो वो बोले खूबसूरत है वो लब जिन पर दूसरों के लिए एक दुआ है
    खूबसूरत है वो मुस्कान जो दूसरों की खुशी देख कर खिल जाए
    खूबसूरत है वो दिल जो किसी के दुख मे शामिल हो जाए और किसी के प्यार के रंग मे रंग जाए
    खूबसूरत है वो जज़बात जो दूसरो की भावनाओं को समझे
    खूबसूरत है वो एहसास जिस मे प्यार की मिठास हो
    खूबसूरत है वो बातें जिनमे शामिल हों दोस्ती और प्यार की किस्से कहानियाँ
    खूबसूरत है वो आँखे जिनमे कितने खूबसूरत ख्वाब समा जाएँ
    खूबसूरत है वो आसूँ जो किसी के ग़म मे बह जाएँ
    खूबसूरत है वो हाथ जो किसी के लिए मुश्किल के वक्त सहारा बन जाए
    खूबसूरत है वो कदम जो अमन और शान्ति का रास्ता तय कर जाए
    खूबसूरत है वो सोच जिस मे पूरी दुनिया की भलाई का ख्याल कर जायें
    enbato par amal karen ge to
    dunia kitni khub surat hogi
    hameeda ameer

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