Archive for the 'Ghazals' Category

Mai Ishq E Mohabbat chahta hun

Wednesday, May 17th, 2017

तेरे इश्क़ की इंतिहा… तेरे इश्क़ की इंतिहा चाहता हूँ; मेरी सादगी देख क्या चाहता हूँ; सितम हो कि हो वादा-ए-बेहिजाबी; कोई बात सब्र-आज़मा चाहता हूँ; ये जन्नत मुबारक रहे ज़ाहिदों को; कि मैं आप का सामना चाहता हूँ; कोई दम का मेहमाँ हूँ ऐ अहल-ए-महफ़िल; चिराग़-ए-सहर हूँ, बुझा चाहता हूँ; भरी बज़्म में राज़ […]

Tum Sitam Bemishal Karte Ho

Tuesday, May 16th, 2017

दुःख देकर सवाल… दुःख देकर सवाल करते हो; तुम भी जानम! कमाल करते हो; देख कर पूछ लिया हाल मेरा; चलो कुछ तो ख्याल करते हो; शहर-ए दिल में ये उदासियाँ कैसी; ये भी मुझसे सवाल करते हो; मरना चाहें तो मर नहीं सकते; तुम भी जीना मुहाल करते हो; अब किस-किस की मिसाल दूँ […]

Ghazal on Kon Apna Kon Praya

Monday, May 15th, 2017

जो ख्याल थे, न कयास थे… जो ख्याल थे, न कयास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए; जो मोहब्बतों की आस थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए; जिन्हें मानता नहीं ये दिल, वो ही लोग मेरे हैं हमसफ़र; मुझे हर तरह से जो रास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए; मुझे लम्हा […]

Vo Log Mujhse Bichad Gaye

Sunday, May 14th, 2017

जो ख्याल थे, न कयास थे… जो ख्याल थे, न कयास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए; जो मोहब्बतों की आस थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए; जिन्हें मानता नहीं ये दिल, वो ही लोग मेरे हैं हमसफ़र; मुझे हर तरह से जो रास थे, वो ही लोग मुझसे बिछड़ गए; मुझे लम्हा […]

Jhuthi Bulandiyon ka Duan

Saturday, May 13th, 2017

झूठी बुलंदियों का धुँआ​…​ ​झूठी बुलंदियों का धुँआ पार कर के आ​;​​ ​क़द नापना है मेरा तो छत से उतर के आ;​ ​​​ इस पार मुंतज़िर हैं तेरी खुश-नसीबियाँ​; ​लेकिन ये शर्त है कि नदी पार कर के आ;​ ​​ ​​​कुछ दूर मैं भी दोशे-हवा पर सफर करूँ​; ​कुछ दूर तू भी खाक की.. सुरत […]

Wafa Kar ke Muskuraye Ja Urdu Gazal

Friday, May 12th, 2017

वफ़ाएँ कर के… वफ़ाएँ कर के जफ़ाओं का ग़म उठाए जा; इसी तरह से ज़माने को आज़माए जा; किसी में अपनी सिफ़त के सिवा कमाल नहीं; जिधर इशारा-ए-फ़ितरत हो सिर झुकाए जा; वो लौ रबाब से निकली धुआँ उठा दिल से; वफ़ा का राग इसी धुन में गुनगुनाए जा; नज़र के साथ मोहब्बत बदल नहीं […]

Mushkil Waqt par Shayari

Thursday, May 11th, 2017

जर्जर हौसला… जर्जर हौसला मरम्मत मांगता है; मुश्किल वक्त हिम्मत मांगता है; उम्र भर नेकी न की गयी मगर; अब बुढ़ापे में जन्नत मांगता है; मुश्किल वक्त… वफ़ा के सौदे में वो सितमगर मुझसे; शर्त में बेशर्त मोहब्बत मांगता है; मुश्किल वक्त… काफ़िर बेटों का वो खुदा-परस्त बाप; औलादों के लिए मन्नत मांगता है; मुश्किल […]

Log Chehro Par Dohra Naqab Rakhte Hain

Tuesday, May 9th, 2017

दिलों में आग लबों पर गुलाब रखते हैं; सब अपने चेहरों पे दोहरी नका़ब रखते हैं; हमें चराग समझ कर बुझा न पाओगे; हम अपने घर में कई आफ़ताब रखते हैं; बहुत से लोग कि जो हर्फ़-आश्ना भी नहीं; इसी में खुश हैं कि तेरी किताब रखते हैं; ये मैकदा है, वो मस्जिद है, वो […]

Aisa Kabhi nhi Socha Tha Sad Nazam

Monday, May 8th, 2017

अब किस से कहें और कौन सुने जो हाल तुम्हारे बाद हुआ; इस दिल की झील सी आँखों में इक ख़्वाब बहुत बर्बाद हुआ; ये हिज्र-हवा भी दुश्मन है इस नाम के सारे रंगों की; वो नाम जो मेरे होंटों पे ख़ुशबू की तरह आबाद हुआ; उस शहर में कितने चेहरे थे कुछ याद नहीं […]

Is Darr se Nahi Dekha Tujhe Kabhi

Sunday, May 7th, 2017

कल रोक नहीं पाए​… ​कल रोक नहीं पाए जिसे तीरों-तबर भी​;​​ अब उसको थका देती है इक राहगुज़र भी​;​ ​​ ​​​​​इस डर से कभी गौर से देखा नहीं तुझको​;​ ​​कहते हैं कि लग जाती है अपनों की नज़र भी​;​ ​​ ​​​​​कुछ मेरी अना भी मुझे झुकने नहीं देती​;​ ​​कुछ इसकी इजाज़त नहीं देती है कमर […]